बुधवार, 24 जून 2020

मुफ्त का ज्ञान

ये जो तुम लडकियों के नार्मल से नार्मल पोस्ट पर भी वाहवाही करते हो न, शास्त्रों में ऐसे लोगों को ही "पिस्सू" कहा गया है।
 

ये जो तुम बचपन में साईकिल के पिछली पहिये का चैन उतर जाने पर उल्टा पैडल मारकर चैन चढ़ा देते थे, शास्त्रों में इसी को “टेलेंट” कहते हैं!
 

ये जो तुम पूरा ध्यान लगाकर पीछे के दांत में फंसे आम के रेशे निकाल लेते हो, शास्त्रों में इसी को “लगन” बताया गया है!
 

ये जो तुम बीवी के साथ होते हुए भी सामने से आती कन्या का कनखियों से स्कैन निकाल लेते जो, इसी गुण को शास्त्रों में “चपलता” कहा गया है!
 

ये जो आप 20 की सब्जी में भी लड़-भिड़ के मुफ्त की मिर्ची और धनिया ले आती हैं, इसी को सभी शास्त्रों में “धर्म की जीत” बताया गया है!
 

ये जो तुम नींद का बहाना बना के रूमपार्टनर और उसके गर्लफ्रेंड की बात रात भर सुनते रहते हो,
शास्त्रों में ऐसे ही बन्दों को “गुप्तचर” कहा गया है!
 

ये जो तुम सारे काम रोक के टीवी पे आ रहा हॉट सीन देखते हो ना.. इसी को शास्त्रों में “संयम” कहा गया है!
 

ये जो फैमिली ग्रुप में नॉनवेज जोक गलती से भेजने के बाद घुटने और कलेजे में सनसनी फील करते हो ना.. शास्त्रों में इसी को “भय” और “प्रलय का संकेत” कहा गया है!
 

ये जो बनियान तक अम्मा से धुलवाने वाले बंदे शादी के बाद कमोड साफ़ करने को मजबूर होते हैं ना..
अर्थशात्र में इसी को “अवमूल्यन” कहा गया है!
 

ये जो तुम खूबसूरत लड़की के चक्कर मे उसके सड़ियल भाई को दोस्त बनाते फिरते हो,इसे शास्त्रों में “गधे को बाप बनाना” कहा गया है !
 

ये जो तुम चंद लाइक पाने के लिए अपने फेसबुक पोस्ट पर 72 लोगों को टैग करते हो न, शास्त्रों में इसी को “लोभ” कहा गया है !

ये जो आप मेट्रो में सामने खड़ी आपकी ओर प्यार से देखती खूबसूरत कन्या के लिए भी अपनी सीट नहीं छोड़ते है.. इसे ही शास्त्रों में “मोक्ष” कहा गया है!

रविवार, 21 जून 2020

साहसी माँ

सूरज सी होती,संवेदनहींन ये धरती,
सर पर सूरज,तलवों तपती धरती,
मां मुझसे और सहा नहीं जाता।
मां अब और चला नहीं जाता।

आज कंधों पर थैले,सर पर भारी गठरी,
गांव में था घमंड दिखाता,लड़का हूँ मैं शहरी।
हाड़ों पर गृहस्थी का बोझ देखा नहीं जाता।
तेरे दुःख से व्यथित,मुझसे चला नहीं जाता।

खून खौल उठता है माँ मेरा,
रगों में बहता खून लगता पानी,
जब जब मुझको है दिखता,
खून पसीना, छालों से बहता पानी।

तेरा साहस, देख ताक़त आ जाती है,
तेरी सांसों में,मेरी सांसों की गिनती हो जाती है।
चलेगी जब जहाँ तक,मैं चलूंगा
माँ तेरा बलिदान न भूलूंगा।