मंगलवार, 18 जनवरी 2022

हाथ थामें रखना

कभी मैं सुनूँगा, तुम कहना,
कभी तुम सुन लेना मेरा कहना!
चलता रहेगा ये कहना सुन ना
बस तुम मेरा हाथ थामें रखना,

हों हवाएं सर्द चाहे जितनी,
तुम मेरी बाहों में बाहें रखना।
हों आंधियां तेज चाहे जितनी,
तुम हाथों में हाथ थामें रखना।

सांस का है सांस से नाता,
मेरी धड़कन बनके रहना,
मेरी रूह बन कर निभाना,
बस मेरा हाथ थामें रखना।

दूरियां होंगी तो मिटेंगी भी,
नज़दीकियों को समझना।
आंखे हैं तो सिसकेंगी भी,
बस मेरा हाथ थामें रखना।

दोनों जीवन का स्वाद चखेंगे,
तुम मेरी मिठास बनके रहना,
दोनों मिलकर खिचड़ी पकाएंगे,
तुम बस मेरा हाथ थामें रखना।

तुम हो मेरे दिल की रानी,
मुझे राजा बना के रखना,
होंगे राजकुमार राजकुमारी,
बस मेरा हाथ थामें रखना।



"नितेश तिवारी"