जुल्फों की घटा,
चेहरे का सवेरा,
याद मुझे आता है,
तेरी बाँहों का बसेरा।
वो पलकों का गिरना,
उठ उठ कर संभलना,
याद मुझे आता है,
कभी मिलना,कभी बिछड़ना।
इठलाना तो कभी सिसकना,
आसुंओ का गालों पे खिसकना,
याद मुझे आ जाता है,
उन्हीं आंसुओं पे फिसलना।
तेरे क़दमों की आहट,
सांसों की गरमाहट,
याद मुझे आता है,बहुत
पहला प्यार,पहली चाहत।
चेहरे का सवेरा,
याद मुझे आता है,
तेरी बाँहों का बसेरा।
वो पलकों का गिरना,
उठ उठ कर संभलना,
याद मुझे आता है,
कभी मिलना,कभी बिछड़ना।
इठलाना तो कभी सिसकना,
आसुंओ का गालों पे खिसकना,
याद मुझे आ जाता है,
उन्हीं आंसुओं पे फिसलना।
तेरे क़दमों की आहट,
सांसों की गरमाहट,
याद मुझे आता है,बहुत
पहला प्यार,पहली चाहत।
Bohot khub tiwari ji.
जवाब देंहटाएंधन्यवाद सुजीत भाई।
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