गुरुवार, 19 सितंबर 2019

मोमबत्ती गैंग

तुम शांत रहो,मोमबत्तियों वालो,
जलाओ सिर्फ मोमबत्तियां चौराहों पर,
और करने दो,उनको उनके काम,
बैठाना है बच्चों को ऊँचे पदों पर,
बस्ता टांगों,लंच उठाओ,चलो अपने काम पर।

सुरमयीं आखियां लेके,दो दिन को जागने वालों,
अरे! भेजो अपनी औलाद को फ़ौज में,
मट्टी के शेर की तरह भोंकने वालों,
घर बैठे सर्जिकल स्ट्राइक मांगने वालों।

टी आर पी की दुकानों से वीरता साहस पाने वालों,
हो चुके तुम खोखले,सुकून की ज़िंदगी बिताने वालों,
40 लाल तो खो दिए,हज़ारों की आहुति मांगने वालों,
भेजो जिगर के टुकड़े को युद्ध क्षेत्र में,
घर में सोफे पर बैठ कर युद्ध लड़ने वालों।

मोमबत्ती जलाकर,अलख जलाने का नाटक बंद करो।
और है इतना ही दुःख उन चालीस योद्धाओं का,
नहीं कुछ कर सकते तो,इनके परिवारों की मदद करो,
और करना है कुछ तो,टीआरपी की दुकानें बंद करने की मांग करो।

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