गुरुवार, 19 सितंबर 2019

ठाठ

जो लोग सोचते ही रह गए,
वो इरादे पुरे कर के आया हूँ,
लोग ने सिर्फ ख्वाब बुनते रह गए,
मैं तो आसमां से ख्वाब ही तोड़ लाया हूँ।

कि किसी ने ऊंचाइयां छू के जिया,
किसी ने गहराइयां छू के जिया,
हम तो वो बाज़ हैं दोस्तों,
जिसने बड़ी गहराई से ऊंचाई को छुआ।

जीते होंगे लोग जिंदगी 8 से दस अपनी,
मैंने जिंदगी को आठ से आठ ही जिया,
हैरान,हताश,परेशां न हो,मेरे रहते,
मैंने जिंदगी को बड़े ठाठ से है जिया।

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